देहरादून में ड्राइवर की vacancy ढूंढिए तो दो तरह के नतीजे मिलते हैं — job portals जिन पर महीनों पुरानी listing पड़ी है, और एजेंट जो कुछ बताने से पहले पैसे मांगते हैं।
और इसी बीच असली vacancy चुपचाप भर जाती हैं। किसी family को ज़रूरत पड़ती है, वो अपनी मेड या agency से कह देती है, और हफ्ते भर में काम किसी और को मिल जाता है।
यहाँ बताया है कि इस शहर में ड्राइवर का काम सच में कहां से आता है।
पहले एक बात: कोई भी सही agency ड्राइवर से पैसे नहीं लेती। फीस मालिक देता है, आप नहीं। जो एजेंट family से मिलने से पहले पैसे मांगे — वो काम नहीं दिलवा रहा।
स्कूल छोड़ना-लाना, ऑफिस, बाज़ार, कभी-कभी मसूरी या दिल्ली। ये काम कहीं छपता ही नहीं — family किसी से कह देती है और भर जाता है।
टाइम तय रहता है और हफ्ते की छुट्टी भी मिलती है। पर्सनल ड्राइवर का काम इसी तरह का होता है।
स्टाफ पिकअप-ड्रॉप, क्लाइंट को लाना-ले जाना, एयरपोर्ट, बैंक का काम। ज़्यादा औपचारिक होता है और ओवरटाइम अक्सर अलग से मिलता है।
Agency इसे कंपनी ड्राइवर का contract कहती है।
देहरादून मसूरी, ऋषिकेश और चार धाम के रास्ते पर है। सीज़न में होटल और travel operators को ड्राइवर चाहिए होते हैं, और off-season में काम कम हो जाता है। पहाड़ी रास्ते चलाना आता हो तो सीज़न में अच्छी कमाई होती है।
डिलीवरी वैन, टेम्पो, गुड्स कैरियर। इसके लिए कमर्शियल लाइसेंस चाहिए। घंटे लंबे होते हैं और काम ज़्यादा मेहनत वाला, पर पैसे भी ज़्यादा।
स्कूल वैन और बस। ये ज़्यादातर सेशन शुरू होने के आसपास निकलती हैं, और इनमें कमर्शियल लाइसेंस और साफ रिकॉर्ड दोनों चाहिए होते हैं।
ये जान लेना ज़रूरी है, वरना हफ्ता listings के पीछे निकल जाता है।
| ✕ | Job portals पुरानी listing हटाते नहीं। जुलाई में भरी हुई vacancy अक्टूबर तक वहीं पड़ी रहती है। |
| ✕ | कुछ listing सिर्फ नंबर इकट्ठा करने के लिए होती हैं। आप apply करते हैं, फोन आते हैं — पर मालिक के नहीं। |
| ✕ | एजेंट ऐसी vacancy छापते हैं जो है ही नहीं। listing चारा होती है। फीस पहले आती है, काम कभी नहीं। |
सबसे आसान टेस्ट: किसी को पैसे देने से पहले मालिक से बात करने को कहिए। असली vacancy के पीछे असली family या कंपनी होती है, और वो बात करने से मना नहीं करते।
लाइसेंस होने से आप लाइन में आ जाते हैं। ये बातें आपको आगे ले जाती हैं।
| ✓ | लाइसेंस चालू हो, और सही vehicle class का हो। एक्सपायर लाइसेंस रिजेक्ट होने की सबसे बड़ी वजह है। apply करने से पहले तारीख देख लीजिए। |
| ✓ | पहाड़ी रास्तों का तजुर्बा ज़रूर बताइए। मसूरी की चढ़ाई, चकराता रोड, बारिश में ऋषिकेश वाला रास्ता। देहरादून में families इसके अलग पैसे देती हैं — और ज़्यादातर ड्राइवर इंटरव्यू में बताते ही नहीं। |
| ✓ | पुरानी जगह का फोन नंबर रखिए। एक फोन कॉल किसी भी कागज़ से ज़्यादा काम आती है। |
| ✓ | फोन चालू रखिए। vacancy उसी को मिलती है जो पहले फोन उठाता है। |
| ✓ | Documents verify हों। families को चिंता होती है कि बच्चों को कौन ले जा रहा है। verified ड्राइवर को ज़्यादा सैलरी वाला काम मिलता है। |
families क्या-क्या देखती हैं, ये यहाँ बताया है: verified ड्राइवर परिवार को कैसे सुरक्षित रखता है — इंटरव्यू से पहले पढ़ लीजिए।
पर्सनल / फैमिली ड्राइवर
₹12,000 – ₹20,000 महीने का
कंपनी / ऑफिस ड्राइवर
₹14,000 – ₹22,000 महीने का
कमर्शियल / माल गाड़ी
₹15,000 – ₹25,000 महीने का
लिव-इन ड्राइवर
₹15,000 – ₹22,000 + खाना और रहना
तजुर्बे के हिसाब से पूरा हिसाब और सैलरी के अलावा क्या-क्या मिलना चाहिए: देहरादून में ड्राइवर की सैलरी 2026
साफ शर्तों वाला ₹14,000 का काम उस ₹18,000 से बेहतर है जहां हर extra घंटे पर बहस हो। ये सब पहले दिन से पहले तय कर लीजिए — तीसरे महीने में पूछना बहुत मुश्किल हो जाता है।
ओरिजिनल लाइसेंस या आधार किसी को मत दीजिए। सिर्फ फोटोकॉपी। किसी का ओरिजिनल कागज़ अपने पास रख लेना गैरकानूनी है — और जो एजेंट ज़िद करे, उसके साथ काम मत कीजिए।
पूरी लिस्ट: रजिस्ट्रेशन के लिए कौन से कागज़ चाहिए
कोई भी सही agency ड्राइवर से पैसे नहीं लेती। फीस मालिक देता है।
अगर कोई "रजिस्ट्रेशन फीस", "वेरिफिकेशन चार्ज" या एडवांस मांगे — मालिक से मिलने से पहले ही — तो वो vacancy नहीं, वसूली है।
फर्जी एजेंट कैसे पहचानें: बिना फीस के नौकरी कैसे पाएं
ज़्यादातर vacancy कहीं छपती नहीं। असली काम agency से, ड्राइवर के WhatsApp groups से, अपने इलाके के दूसरे ड्राइवरों से, पेट्रोल पंप और वर्कशॉप से, और सोसाइटी के गार्ड से मिलता है — जिन्हें पता होता है कि किस फ्लैट का ड्राइवर अभी छोड़कर गया है।
पर्सनल या फैमिली ड्राइवर को ₹12,000–₹20,000, कंपनी ड्राइवर को ₹14,000–₹22,000, और कमर्शियल या माल गाड़ी वाले को ₹15,000–₹25,000 महीना। तजुर्बा, लाइसेंस और बाहर के ट्रिप इस पर असर डालते हैं।
सबसे आसान टेस्ट — किसी को पैसे देने से पहले मालिक से बात करने को कहिए। असली vacancy के पीछे असली family या कंपनी होती है और वो बात करने से मना नहीं करते। जो एजेंट मिलवाने से पहले फीस मांगे, वो काम नहीं दिलवा रहा।
family की प्राइवेट गाड़ी चलाने के लिए नहीं — उसके लिए LMV लाइसेंस काफी है। कमर्शियल लाइसेंस माल गाड़ी, स्कूल वैन और बड़ी सवारी गाड़ियों के लिए चाहिए, और उन कामों में पैसे भी ज़्यादा मिलते हैं।
हाँ, और काफी। मसूरी की चढ़ाई, चकराता रोड और बारिश में ऋषिकेश वाला रास्ता — ये असली हुनर है और देहरादून में families इसके अलग पैसे देती हैं। ज़्यादातर ड्राइवर इंटरव्यू में इसका ज़िक्र ही नहीं करते।
नहीं। हम काम ढूंढने वालों से कभी पैसे नहीं लेते — न रजिस्ट्रेशन के, न वेरिफिकेशन के, न काम मिलने के बाद। हमारी फीस मालिक देता है।
अपना लाइसेंस और आधार तैयार रखिए, हमें WhatsApp कीजिए — हमारी टीम आपसे बात करेगी और आपके लाइसेंस और इलाके के हिसाब से काम ढूंढेगी।
कोई फीस नहीं। न अभी, न काम मिलने के बाद।